🇮🇷 ईरान की रक्षा शक्ति (Iran’s Defence Power): वह सब जो दुनिया जानती है
Tehran- ईरान (Iran), जिसे आधिकारिक तौर पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान कहा जाता है, मध्य पूर्व (Middle East) में एक प्रमुख भू-राजनीतिक (Geopolitical) शक्ति है। अपने जटिल अंतर्राष्ट्रीय संबंधों (International Relations) और क्षेत्रीय स्थिरता (Regional Stability) में महत्वपूर्ण भूमिका के कारण, ईरान की रक्षा शक्ति (Defence Power) हमेशा वैश्विक चर्चा का विषय रही है। अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों (Sanctions) के बावजूद, ईरान ने अपनी रक्षा क्षमताओं को स्वदेशी (indigenous) रूप से विकसित करने पर ज़ोर दिया है।
ईरान अपनी रक्षा शक्ति को मुख्य रूप से दो प्रमुख संस्थानों (Institutions) के माध्यम से नियंत्रित करता है:
- इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आर्मी (Artesh): यह ईरान की पारंपरिक सेना (Conventional Army) है।
- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC): यह देश की वैचारिक और रणनीतिक शक्ति है, जिसका रक्षा नीति में गहरा प्रभाव है।
आइए, ईरान की उन प्रमुख सैन्य क्षमताओं पर नज़र डालते हैं जो उन्होंने दुनिया के सामने रखी हैं:

1. 🚀 मिसाइल कार्यक्रम (Missile Program): सबसे बड़ी ताकत
ईरान अपनी बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइल (Ballistic and Cruise Missile) क्षमताओं को अपनी रक्षा रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। प्रतिबंधों के चलते, उन्होंने इस क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।
- मिसाइल रेंज और प्रकार: ईरान दावा करता है कि उसकी मिसाइलें पूरे मध्य पूर्व और उससे आगे के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम हैं। इनमें शामिल हैं:
- शाहब सीरीज़ (Shahab Series): यह मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों (MRBM) की एक श्रृंखला है।
- फ़तह (Fateh) और क़ाएम (Qaim) सीरीज़: यह सटीक मारक क्षमता वाली मिसाइलें हैं।
- ख़ोर्रमशहर (Khorramshahr): यह लंबी दूरी की मिसाइल (Long-Range Missile) है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह एकाधिक वारहेड (Multiple Warheads) ले जा सकती है।
- सटीकता (Precision): ईरान लगातार अपनी मिसाइलों की सटीकता में सुधार करने पर ज़ोर देता रहा है, ताकि वे सैन्य ठिकानों (Military Bases) को प्रभावी ढंग से निशाना बना सकें।

2. 🛡️ वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence Systems)
विदेशी विमानों और मिसाइलों के ख़तरे का सामना करने के लिए, ईरान ने अपनी एंटी-एयरक्राफ्ट (Anti-Aircraft) और वायु रक्षा प्रणालियों पर भारी निवेश किया है।
- बावर-373 (Bavar-373): यह उनकी सबसे उन्नत स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (Surface-to-Air Missile System – SAM) है। यह रूसी S-300 प्रणाली के समान या उससे बेहतर क्षमता रखने का दावा करती है।
- खोराड-3 (Khordad-3) / खोराड-15 (Khordad-15): यह मध्यम-रेंज की प्रणाली है, जिसे ईरान ने अमेरिकी निगरानी ड्रोन (Surveillance Drone) को मार गिराने के बाद वैश्विक सुर्खियों में लाया था।

3. 🚢 नौसेना और तटीय सुरक्षा (Naval and Coastal Security)
ईरान, फ़ारस की खाड़ी (Persian Gulf) और होर्मुज़ जलसन्धि (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर अपनी पकड़ मजबूत रखने के लिए एक शक्तिशाली नौसेना रखता है।
- तेज गति की नावें (Fast Attack Craft): IRGC अपनी तेज़ गति की छोटी नावों (Speedboats) के लिए प्रसिद्ध है, जिन्हें खाड़ी में किसी भी बड़े दुश्मन युद्धपोत (Warship) को घेरने और हमला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- पनडुब्बियाँ (Submarines): ईरान के पास अपनी स्वदेशी रूप से निर्मित हल्की और मध्यम पनडुब्बियों का बेड़ा है, जैसे कि फ़तेह (Fateh) क्लास, जो छिपकर हमला करने (Stealth) में सक्षम हैं।

4. 🛰️ ड्रोन प्रौद्योगिकी (Drone Technology – UAVs)
ईरान को विश्व स्तर पर ड्रोन प्रौद्योगिकी के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। उन्होंने टोही (Reconnaissance) और युद्धक ड्रोन (Combat Drones) दोनों में विशेषज्ञता हासिल की है।
- शहीद (Shahed) और मोहाजिर (Mohajer) सीरीज़: ये ईरान के सबसे प्रसिद्ध ड्रोन मॉडल हैं, जिनका उपयोग टोही मिशन, निगरानी और सटीक हवाई हमलों (Precision Airstrikes) के लिए किया जाता है।
- आत्महत्या ड्रोन (Suicide Drones): ये विशेष रूप से लक्षित हमलों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो आधुनिक युद्ध (Modern Warfare) में एक महत्वपूर्ण क्षमता है।

5. 💻 साइबर क्षमताएँ (Cyber Capabilities)
आधुनिक युद्ध में साइबर वारफेयर (Cyber Warfare) के बढ़ते महत्व को देखते हुए, ईरान ने अपनी साइबर सेना को भी विकसित किया है।
- साइबर कमांड (Cyber Command): ईरान अपनी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसंरचना (National Infrastructure) और सैन्य नेटवर्कों की रक्षा के लिए और संभावित रूप से विरोधी देशों की प्रणालियों पर जवाबी हमला करने के लिए एक सक्रिय साइबर कमांड रखता है।

6. ☢️ परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program – Civilian Use Claim)
हालांकि ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों (Peaceful Purposes) के लिए है, लेकिन यह पश्चिमी देशों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों (Regional Rivals) के लिए चिंता का एक बड़ा विषय बना हुआ है। ईरान अपनी संवर्द्धन (Enrichment) क्षमताओं को एक राष्ट्रीय अधिकार और शक्ति का प्रतीक मानता है।
ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं को मुख्य रूप से असममित युद्ध (Asymmetric Warfare) की रणनीति के तहत विकसित करता है, जिसका उद्देश्य किसी भी बड़े विरोधी को भारी नुकसान पहुँचाना और उसे पीछे हटने पर मजबूर करना है।

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