Ajim Premji - Wipro CEO
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Azim Premji Biography: भारत का सबसे बड़ा दानवीर, जिसने दान कर दिए ₹1.7 लाख करोड़—पढ़ें पूरी कहानी

अज़ीम प्रेमजी जीवनी: एक ‘साधारण’ अरबपति जिसने दान कर दी अपनी आधी दौलत

New Delhi- अज़ीम प्रेमजी का नाम दुनिया के उन चुनिंदा लोगों में शुमार है, जिन्होंने न केवल व्यापार के शिखर को छुआ, बल्कि अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया। वे विप्रो (Wipro Limited) के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय आईटी उद्योग के पितामह (Czar) माने जाते हैं। अज़ीम प्रेमजी की सादगी और उनके परोपकारी स्वभाव के कारण उन्हें ‘भारत का बिल गेट्स’ भी कहा जाता है।

Ajim Premji - Wipro CEO
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अज़ीम प्रेमजी का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा (Biography)

अज़ीम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को बॉम्बे (अब मुंबई) में हुआ था। उनके पिता, मोहम्मद हाशिम प्रेमजी, एक प्रसिद्ध व्यवसायी थे जिन्हें “बर्मा का राइस किंग” कहा जाता था।

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: 1947 में विभाजन के समय मोहम्मद अली जिन्ना ने प्रेमजी के पिता को पाकिस्तान आने और वहां का वित्त मंत्री (Finance Minister) बनने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने भारत को ही अपनी मातृभूमि चुना और यहीं रहने का फैसला किया।
  • शिक्षा: अज़ीम प्रेमजी अमेरिका की प्रतिष्ठित Stanford University से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन 1966 में उनके पिता के अचानक निधन के कारण उन्हें मात्र 21 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वापस भारत आना पड़ा।

विप्रो (Wipro) का सफर: कुकिंग ऑयल से IT किंगडम तक

अज़ीम प्रेमजी ने जब कमान संभाली, तब उनकी कंपनी का नाम ‘Western Indian Vegetable Products Ltd’ था और वह केवल खाने का तेल (Vanaspati Oil) और कपड़े धोने का साबुन बनाती थी।

  1. व्यापार का विस्तार (Diversification): उन्होंने व्यापार को सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने हाइड्रोलिक सिलेंडर, लाइटिंग और फिर अंततः 1980 के दशक में Software क्षेत्र की ओर रुख किया।
  2. आईटी में कदम: 1977 में उन्होंने कंपनी का नाम बदलकर Wipro किया। जब आईबीएम (IBM) को भारत छोड़ना पड़ा, तब प्रेमजी ने उस मौके का फायदा उठाया और कंप्यूटर बाजार में अपनी पकड़ बनाई।
  3. ग्लोबल पहचान: उनके दूरदर्शी नेतृत्व में विप्रो एक $2 मिलियन की छोटी सी कंपनी से बढ़कर दुनिया की अग्रणी आईटी कंपनियों में शामिल हो गई।
Ajim Premji Wipro Co-Founder
Ajim Premji Wipro Co-Founder

अज़ीम प्रेमजी की नेटवर्थ (Net Worth 2026)

अज़ीम प्रेमजी की संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उनके परोपकारी ट्रस्टों में जाता है। यही कारण है कि उनकी नेटवर्थ में उतार-चढ़ाव दिखता है क्योंकि वे लगातार दान करते रहते हैं।

विवरणआंकड़े (लगभग)
कुल व्यक्तिगत नेटवर्थ$10.8 Billion (करीब ₹90,000 करोड़)
कुल दान की गई संपत्ति$21 Billion+ (करीब ₹1.7 लाख करोड़)
मुख्य कंपनीWipro Limited
इन्वेस्टमेंट फर्मPremjiInvest

भारत के सबसे बड़े दानवीर: Azim Premji Foundation

अज़ीम प्रेमजी को उनकी दौलत से ज्यादा उनके बड़े दिल के लिए जाना जाता है। वे “The Giving Pledge” पर हस्ताक्षर करने वाले पहले भारतीय थे।

  • दान का रिकॉर्ड: उन्होंने अपनी संपत्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा (विप्रो की लगभग 67% आर्थिक हिस्सेदारी) अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन को दान कर दिया है।
  • शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति: उनका फाउंडेशन मुख्य रूप से भारत के ग्रामीण और सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए काम करता है।
  • सामाजिक कार्य: स्वास्थ्य सेवा और आपदा राहत में भी उनका फाउंडेशन अग्रणी रहता है। हाल के वर्षों में उन्होंने लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए हज़ारों करोड़ रुपये का अलग से फंड आवंटित किया है।

सम्मान और पुरस्कार (Awards & Recognition)

अज़ीम प्रेमजी को उनके व्यापारिक कौशल और समाज के प्रति उनके योगदान के लिए कई बड़े सम्मान मिले हैं:

  • पद्म भूषण (2005): व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए।
  • पद्म विभूषण (2011): भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान।
  • Chevalier de la Légion d’Honneur: फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
  • मानद उपाधियाँ: उन्हें दुनिया के कई बड़े विश्वविद्यालयों से डॉक्टर की मानद उपाधियाँ प्राप्त हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

अज़ीम प्रेमजी की जीवन कहानी हमें सिखाती है कि असल महानता इस बात में नहीं है कि आपके पास कितना पैसा है, बल्कि इस बात में है कि आप उस पैसे से कितने लोगों का भला करते हैं। इतनी संपत्ति होने के बावजूद वे आज भी साधारण जीवन जीते हैं और इकोनॉमी क्लास में सफर करना पसंद करते हैं। वे हर युवा उद्यमी के लिए एक सच्ची प्रेरणा हैं।

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