डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जीवनी: अखबार बेचने वाले लड़के से ‘मिसाइल मैन’ बनने तक का सफर
New Delhi– डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (Dr. APJ Abdul Kalam) का नाम भारतीय इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। वे केवल भारत के 11वें राष्ट्रपति ही नहीं थे, बल्कि एक महान वैज्ञानिक, लेखक और युवाओं के प्रेरणास्रोत (Inspiration) भी थे। उन्हें ‘जनता का राष्ट्रपति’ (People’s President) कहा जाता था क्योंकि वे सादगी और उच्च विचारों की प्रतिमूर्ति थे।

प्रारंभिक जीवन और संघर्ष (Early Life & Biography)
- पूरा नाम: अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम।
- जन्म: 15 अक्टूबर 1931, रामेश्वरम (तमिलनाडु)।
- बचपन का संघर्ष: कलाम साहब का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक नाविक थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण कलाम साहब ने बचपन में अखबार बेचने का काम किया ताकि वे अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकें।
- शिक्षा (Education): उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रामेश्वरम से की और बाद में Saint Joseph’s College, Tiruchirappalli से फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने Madras Institute of Technology (MIT) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

भारत को दी गई मुख्य सौगातें (Major Contributions to India)
डॉ. कलाम ने भारत को तकनीक और रक्षा (Defense) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी।
- SLV-III और रोहिणी सैटेलाइट (1980): कलाम साहब के नेतृत्व में भारत ने अपना पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (Satellite Launch Vehicle) बनाया, जिसने रोहिणी उपग्रह को अंतरिक्ष में स्थापित किया। इसके साथ ही भारत Space Club का हिस्सा बना।
- पोखरण-II परमाणु परीक्षण (1998): राजस्थान के पोखरण में हुए सफल परमाणु परीक्षणों (Nuclear Tests) के पीछे डॉ. कलाम का दिमाग था। उन्होंने भारत को एक Nuclear-Armed State बनाने में मुख्य भूमिका निभाई।
- कम लागत वाला हेल्थकेयर: उन्होंने कार्डियोलॉजिस्ट सोमा राजू के साथ मिलकर एक सस्ता कोरोनरी स्टेंट बनाया, जिसे ‘Kalam-Raju Stent’ कहा जाता है। इसके अलावा उन्होंने विकलांग बच्चों के लिए हल्के वजन वाले Calipers भी तैयार किए।
डॉ. कलाम द्वारा बनाई गई मिसाइलें (Missiles of India)
डॉ. कलाम को ‘मिसाइल मैन’ उनकी Integrated Guided Missile Development Program (IGMDP) की सफलता के कारण कहा जाता है। उन्होंने भारत के लिए 5 प्रमुख मिसाइलों का आधार रखा:
| मिसाइल का नाम | प्रकार (Type) | विशेषता / लॉन्च वर्ष |
|---|---|---|
| पृथ्वी (Prithvi) | Surface-to-Surface | 1988 में पहली बार सफल परीक्षण। यह भारत की पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल थी। |
| अग्नि (Agni) | Intermediate Range Ballistic Missile | 1989 में सफल परीक्षण। यह लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है। |
| आकाश (Akash) | Surface-to-Air | मध्यम दूरी की मिसाइल जो हवाई हमलों से रक्षा करती है। |
| त्रिशूल (Trishul) | Short Range Surface-to-Air | कम दूरी पर तेजी से हमला करने के लिए विकसित की गई। |
| नाग (Nag) | Anti-Tank Missile | यह “दागो और भूल जाओ” (Fire and Forget) तकनीक पर आधारित है। |
नेटवर्थ और दान (Net Worth & Donation)
डॉ. कलाम की संपत्ति (Net Worth) के बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। एक राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक होने के बावजूद उनके पास कोई बंगला, गाड़ी या बड़ा बैंक बैलेंस नहीं था।
- निजी संपत्ति (Personal Assets): जब उनका निधन हुआ, तो उनकी कुल संपत्ति में केवल 2,500 किताबें, 6 शर्ट, 4 पैंट, 3 सूट, एक घड़ी और एक वीणा थी।
- दान (Donation): उन्होंने अपनी पूरी सैलरी और राष्ट्रपति पद की पेंशन को PURA (Providing Urban Amenities to Rural Areas) ट्रस्ट और अन्य सामाजिक कार्यों के लिए दान कर दिया था। वे कहते थे कि “जब मैं चला जाऊं, तो मेरे पीछे कोई संपत्ति नहीं, बल्कि मेरे विचार होने चाहिए।”

सम्मान और पुरस्कार (Awards)
भारत सरकार ने उनकी सेवाओं के लिए उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा:
- Padma Bhushan (1981)
- Padma Vibhushan (1990)
- Bharat Ratna (1997) – भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान।
निष्कर्ष (Conclusion)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन हमें सिखाता है कि सपने वो नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि “सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते” (Dreams are not what you see in sleep, they are things that do not let you sleep)। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और राष्ट्र सेवा का एक अद्भुत उदाहरण है।
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