रूस की सैन्य शक्ति और यूक्रेन युद्ध: एक पूर्ण विश्लेषण (Russia’s Military Power & Assets)
Moscow– आज के वैश्विक परिदृश्य में रूस एक महाशक्ति के रूप में जाना जाता है। विशेष रूप से अपनी सैन्य क्षमता और परमाणु हथियारों के कारण रूस का दुनिया में एक अलग स्थान है। इस लेख में हम रूस की रक्षा शक्ति (Defense Power) के आंकड़ों और यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के प्रभाव का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।
रूस की डिफेंस पावर: दुनिया में स्थान और सैन्य आंकड़े (Global Rank & Assets)
सैन्य शक्ति का आकलन करने वाली वैश्विक संस्था Global Firepower Index के अनुसार, रूस दुनिया की दूसरी सबसे शक्तिशाली सेना (2nd Most Powerful Military) है। रूस की असली ताकत उसके हथियारों की विशाल संख्या और उन्नत मिसाइल तकनीक में छिपी है।

1. परमाणु हथियार (Nuclear Arsenal)
रूस के पास दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु हथियारों का जखीरा है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के पास लगभग 5,580 से 6,000 परमाणु हथियार हैं। इसमें ऐसी Intercontinental Ballistic Missiles (ICBM) शामिल हैं जो दुनिया के किसी भी कोने में मिनटों में तबाही मचा सकती हैं।

2. थल सेना: टैंक और बख्तरबंद गाड़ियाँ (Army & Tanks)
रूस की थल सेना (Land Power) दुनिया में सबसे विशाल मानी जाती है:
- टैंक्स (Tanks): रूस के पास लगभग 12,000 से 14,000 टैंक हैं (जैसे T-90 और आधुनिक T-14 Armata)। यह संख्या दुनिया में सबसे अधिक है।
- बख्तरबंद वाहन (Armored Vehicles): रूस के पास 1,50,000 से अधिक बख्तरबंद लड़ाकू गाड़ियाँ हैं।

3. वायु सेना: फाइटर जेट्स और सैन्य विमान (Air Force)
रूस की हवाई ताकत उसे आसमान का बेताज बादशाह बनाती है:
- लड़ाकू विमान (Fighter Jets): रूस के पास लगभग 800 से 900 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हैं (जैसे Su-35 और स्टैल्थ फाइटर Su-57)।
- कुल सैन्य विमान (Total Aircraft): रूस के पास कुल 4,000 से अधिक सैन्य विमान हैं, जिनमें अटैक हेलीकॉप्टर और भारी ट्रांसपोर्ट विमान (Sainik Planes) शामिल हैं।

4. नौसेना: समुद्री जंग और पनडुब्बियां (Navy & Submarines)
रूस की समुद्री सीमा की रक्षा के लिए उसके पास एक बहुत बड़ा बेड़ा है:
- पनडुब्बियां (Submarines): रूस के पास लगभग 65 से 70 पनडुब्बियां हैं, जिनमें से कई परमाणु ऊर्जा (Nuclear-powered) से चलती हैं।
- समुद्री जंगी जहाज (Warships): रूस के पास 600 से अधिक नौसैनिक जहाज हैं, जिनमें डिस्ट्रॉयर्स (Destroyers) और फ्रिगेट शामिल हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध: यूक्रेन को कितना नुकसान हुआ? (Impact of Russia-Ukraine War)
फरवरी 2022 में शुरू हुए इस युद्ध ने यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है।
यूक्रेन की क्षति का विवरण:
- बुनियादी ढांचा: यूक्रेन के ऊर्जा ग्रिड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख बंदरगाहों को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है। लगभग 1,50,000 से अधिक रिहायशी इमारतें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं।
- आर्थिक नुकसान: विश्व बैंक के अनुसार, यूक्रेन को पुनर्निर्माण (Reconstruction) के लिए 400 बिलियन डॉलर से भी अधिक की भारी राशि की आवश्यकता होगी।
यूक्रेन के कितने हिस्से पर रूस का कब्जा है? (Russian Occupied Territory)
युद्ध के दौरान रूस ने यूक्रेन के कई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिस्सों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। वर्तमान स्थिति के अनुसार:
- क्रीमिया (Crimea): इस पर रूस ने 2014 में ही कब्जा कर लिया था।
- प्रमुख क्षेत्र: वर्तमान में रूस यूक्रेन के लगभग 18% से 20% हिस्से पर नियंत्रण रखता है।
- कब्जे वाले राज्य: इसमें डोनेट्स्क (Donetsk), लुहान्स्क (Luhansk), ज़ापोरिज्जिया (Zaporizhzhia) और खेरसॉन (Kherson) के बड़े हिस्से शामिल हैं। यह क्षेत्र यूक्रेन के लिए औद्योगिक और समुद्री व्यापार के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष (Conclusion)
रूस आज भी दुनिया की एक अपराजेय सैन्य ताकत बना हुआ है। उसके पास न केवल विशाल सेना और हथियार हैं, बल्कि S-400 डिफेंस सिस्टम और हाइपरसोनिक मिसाइलें जैसी तकनीक भी है जो उसे दुनिया के अन्य देशों से आगे रखती है। हालांकि, यूक्रेन युद्ध ने यह भी दिखाया है कि युद्ध में केवल हथियारों की संख्या ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति भी बड़ी भूमिका निभाती है।
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